दण्ड प्रक्रिया धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी बुधनी टाईम्स :- जिला दण्डाधिकारी श्रीमती अलका श्रीवास्तव ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए शाजापुर जिले की राजस्व सीमा क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण के बढ़ते खतरे को देखते हुए ध्वनिविस्तारक यंत्रो एवं डी.जे. के उपयोग पर प्रतिबंध घोषित किया है। डी.जे. एवं ध्वनि विस्तार यंत्रो का उपयोग होने के कारण जन सामान्य के स्वास्थ्य को खतरा उत्पन्न हो रहा हैं
जारी प्रतिबंधात्मक आदेश के अनुसार सम्पूर्ण जिले में डी.जे. के उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के प्रावधानों के तहत ध्वनिविस्तारक यंत्रो का उपयोग बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बगैर नहीं किया जा सकेगा। किसी भी परिस्थिति में अनुमति प्राप्त व्यक्ति या संस्था द्वारा भारत सरकार द्वारा बनाए गए ध्वनि प्रदूषण (विनिसमन ओर नियंत्रण) नियम 2000 में ध्वनि के संबंध में परिवेशी वायुक्वालिटी संबंधी निर्धारित मानक से अधिक ध्वनि का प्रदूषण नहीं करेगा। रैली, जुलूस, शोभायात्रा, धरना प्रदर्शन, सार्वजनिक सभाओं आदि का आयोजन, मार्गो पर मंच का निर्माण बिना अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। ध्वनि विस्तार यंत्रों के उपयोग की अनुमति दिए जाने हेतु समस्त अनुविभागीय दण्डाधिकारी/कार्यपालिक दण्डाधिकारी अपने-अपने क्षेत्राधिकार में सक्षम अधिकारी होंगे। ध्वनि विस्तार यंत्र के उपयोग हेतु दी गई अनुमति में भारत सरकार द्वारा निर्धारित परिवेशी वायु क्वालिटी मानक का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा उक्त आदेश के उल्लंघन की दशा में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 एवं अन्य दण्डात्मक प्रावधानों के अंतर्गत संबधित के विरूद्ध कार्यवाही कर अभियोजित किया जाएगा। यह आदेश 12 मई से 10 जुलाई 2017 तक प्रभावशील रहेगा।
